
Description
इस बैच में आपको क्रिमिनल लॉ की पूरी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। FIR, गिरफ्तारी, जमानत, रिमांड, ट्रायल की प्रक्रिया, क्रॉस-एग्ज़ामिनेशन, केस लॉ अप्रोच और ड्राफ्टिंग—इन सभी विषयों पर स्टेप-बाय-स्टेप मार्गदर्शन मिलेगा।
व्यावहारिक उदाहरण, वास्तविक केस स्टडीज़ और अदालत में कार्य करने की वास्तविक तकनीकें सिखाई जाएंगी ताकि आप एक आत्मविश्वासी क्रिमिनल प्रैक्टिसिंग एडवोकेट बन सकें।
यह क्रिमिनल कोर्ट प्रैक्टिस बैच (Criminal Court Practice Batch) का विस्तृत पाठ्यक्रम (Syllabus) है। यह पाठ्यक्रम भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) 2023, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) 2023 के नए कानूनों पर आधारित है, जो कानून के छात्रों और जूनियर वकीलों को "A to Z" प्रक्रिया सिखाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
लक्ष्य: वकीलों को FIR दर्ज कराने से लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील तक की पूरी व्यावहारिक जानकारी देना।
मॉड्यूल 1: आधारभूत अवधारणाएं (Foundational Concepts)
अपराध और कानून की समझ - युद्ध के मैदान को समझना।
-
कानूनी ढांचा (Legal Framework):
-
BNS, BNSS और BSA का परिचय (IPC, CrPC और Evidence Act से तुलना)।
-
अपराधों का वर्गीकरण:
-
संज्ञेय बनाम असंज्ञेय (Cognizable vs Non-Cognizable).
-
जमानती बनाम गैर-जमानती (Bailable vs Non-Bailable).
-
शमनीय बनाम अशमनीय (Compoundable vs Non-Compoundable).
-
-
-
न्यायालयों का पदानुक्रम (Hierarchy of Criminal Courts):
-
मजिस्ट्रेट (JMFC/JMSC), सेशन कोर्ट (Sessions Court), और हाई कोर्ट की शक्तियां।
-
न्यायिक क्षेत्र (Jurisdiction) - अपराध कहां दर्ज होगा?
-
मॉड्यूल 2: पुलिस प्रक्रिया और रिपोर्टिंग (Police Procedures & Reporting)
मामले की शुरुआत कैसे होती है।
-
रिपोर्ट दर्ज कराना:
-
FIR (प्रथम सूचना रिपोर्ट): धारा 173 BNSS (Zero FIR और e-FIR के नए प्रावधान)।
-
NCR (Non-Cognizable Report): असंज्ञेय अपराधों में प्रक्रिया।
-
अगर पुलिस FIR न लिखे तो क्या करें? (SP को आवेदन और कोर्ट में 156(3) CrPC / 175(3) BNSS की अर्जी)।
-
-
गिरफ्तारी और अधिकार (Arrest & Rights):
-
गिरफ्तारी की प्रक्रिया (Arrest Memo)।
-
आरोपी के अधिकार (D.K. Basu Guidelines और BNSS धारा 36-40)।
-
41A का नोटिस (अब BNSS धारा 35(3)) - गिरफ्तारी से पहले नोटिस का महत्व।
-
मॉड्यूल 3: अन्वेषण और रिमांड (Investigation & Remand)
पुलिस थाने से कोर्ट तक का सफर।
-
अन्वेषण (Investigation):
-
स्पॉट पंचनामा (Spot Panchnama) और जब्ती (Seizure).
-
गवाहों के बयान (161 CrPC / 180 BNSS).
-
फोरेंसिक साक्ष्य (7 साल से अधिक सजा वाले मामलों में अनिवार्य फोरेंसिक टीम)।
-
-
रिमांड प्रक्रिया (Remand):
-
पुलिस कस्टडी (PC) बनाम ज्यूडिशियल कस्टडी (JC)।
-
रिमांड अर्जी (Remand Application) पर बहस कैसे करें?
-
मेडिकल जांच का महत्व।
-
मॉड्यूल 4: जमानत प्रक्रिया (Bail Practice)
आजादी के लिए लड़ाई।
-
जमानत के प्रकार:
-
नियमित जमानत (Regular Bail): धारा 437/439 CrPC (480/483 BNSS)।
-
अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail): गिरफ्तारी की आशंका पर (धारा 438 CrPC / 482 BNSS)।
-
डिफ़ॉल्ट बेल (Default Bail): जब पुलिस चार्जशीट समय पर दाखिल न कर पाए।
-
-
ड्राफ्टिंग वर्कशॉप (Drafting):
-
बेल एप्लीकेशन (Bail Application) कैसे ड्राफ्ट करें?
-
शपथ पत्र (Affidavit) और मुचलका (Surety/Bond) भरना।
-
मॉड्यूल 5: न्यायालय में कार्यवाही का आरंभ (Pre-Trial Proceedings)
जब फाइल जज के सामने आती है।
-
संज्ञान और समन (Cognizance & Process):
-
कोर्ट द्वारा अपराध का संज्ञान लेना (Taking Cognizance)।
-
आरोपी की उपस्थिति: समन (Summons), वारंट (Warrant), और उद्घोषणा (Proclamation - 82/83 CrPC)।
-
-
दस्तावेजों की आपूर्ति (Scrutiny):
-
धारा 207/208 (BNSS 230/231) के तहत पुलिस रिपोर्ट (चार्जशीट) की कॉपी प्राप्त करना।
-
-
आरोप तय करना (Framing of Charges):
-
चार्ज फ्रेमिंग क्या है?
-
उन्मोचन (Discharge Application): अगर सबूत नहीं हैं तो केस खत्म करने की अर्जी (227 CrPC / 262 BNSS)।
-
मॉड्यूल 6: विचारण/ट्रायल (The Trial Procedure)
असली कानूनी लड़ाई (Trial Stage).
-
ट्रायल के प्रकार (Types of Trials):
-
सेशन ट्रायल (Sessions Trial)।
-
वारंट ट्रायल (Warrant Trial)।
-
समन ट्रायल (Summons Trial)।
-
समरी ट्रायल (Summary Trial) - छोटे अपराधों के लिए।
-
-
अभियोजन साक्ष्य (Prosecution Evidence):
-
मुख्य परीक्षा (Examination-in-Chief)।
-
जिरह (Cross-Examination): गवाह को तोड़ने की कला।
-
पुनर्परीक्षा (Re-Examination)।
-
-
आरोपी का बयान (Statement of Accused):
-
धारा 313 CrPC (351 BNSS) - जज द्वारा आरोपी से सीधे सवाल।
-
-
बचाव पक्ष का साक्ष्य (Defense Evidence):
-
कब अपने गवाह लाने चाहिए?
-
मॉड्यूल 7: भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA Integration)
सबूतों का खेल।
-
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य (Electronic Evidence):
-
65B सर्टिफिकेट (अब BSA धारा 63) - मोबाइल/सीसीटीवी फुटेज कैसे साबित करें।
-
-
दस्तावेजी साक्ष्य:
-
प्राथमिक (Primary) और द्वितीयक (Secondary) साक्ष्य।
-
विशेषज्ञ की राय (Expert Opinion - DNA, Handwriting)।
-
मॉड्यूल 8: निर्णय और दंडादेश (Judgment & Sentencing)
परिणाम।
-
फैसला (Judgment):
-
दोषमुक्ति (Acquittal) बनाम दोषसिद्धि (Conviction)।
-
-
दंडादेश पर सुनवाई (Hearing on Sentence):
-
कम सजा के लिए बहस (Mitigating Circumstances)।
-
प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट (Probation of Offenders Act) का लाभ।
-
-
पीड़ित को मुआवजा (Victim Compensation):
-
धारा 357 CrPC (395 BNSS)।
-
मॉड्यूल 9: अपील, रिवीजन और विशेष याचिकाएं
निचली अदालत के बाद का रास्ता।
-
अपील (Appeal): सेशन कोर्ट और हाई कोर्ट में अपील कैसे करें?
-
पुनरीक्षण (Revision): कानूनी गलतियों को सुधारने के लिए।
-
क्वेशिंग (Quashing - 482 CrPC / 528 BNSS):
-
हाई कोर्ट द्वारा झूठी FIR या केस को रद्द करवाना।
-
मॉड्यूल 10: विशेष कानून और ड्राफ्टिंग (Special Laws & Drafting)
रोज़मर्रा की प्रैक्टिस के लिए ज़रूरी।
-
महत्वपूर्ण एक्ट्स:
-
चेक बाउंस (NI Act - Sec 138)।
-
घरेलू हिंसा (Domestic Violence Act)।
-
पोक्सो (POCSO Act) और जुवेनाइल जस्टिस (JJ Act)।
-
-
ड्राफ्टिंग (Drafting):
-
वकालतनामा (Vakalatnama)।
-
छूट आवेदन (Exemption Application - Haziri Maafi)।
-
सुपरदारी (Superdari) - पुलिस द्वारा जब्त वाहन/सामान छुड़वाना।
-
अतिरिक्त गतिविधियां (Activities):
-
मॉक ट्रायल (Mock Trial): एक काल्पनिक आपराधिक केस लड़ना।
-
कोर्ट विजिट (Court Visit): रिमांड कोर्ट और सेशन ट्रायल को लाइव देखना।
-
केस डायरी (Case Diary): एक असली फाइल को पढ़ना और समझना।
